Class-12 History Notes In Hindi
Chapter-1 [Bricks, Beads and Bones The Harappan Civilisation] [Part -2]
ईंटें,मनके तथा अस्थियाँ हड़प्पा सभ्यता
शिल्प उत्पादन ;-
- चन्हुदड़ो 7 हेक्टेयर की एक बस्ती है।
- इस बस्ती शिल्प उत्पादन का कार्य होता था।
- यहां पर मनके ,शंख की कटाई ,धातु क्रम ,मुहर निर्माण तथा बाट बनाए जाते थे।
- सेलखड़ी नामक पत्थर पर आसानी से कार्य हो जाता था।
- वस्तुओं के निर्माण के लिए शंख और पथ्थर को काटा जाता था।
- शिल्प उत्पादन के लिए कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाता था।
- माल प्राप्त करने के लिए सिंधु नदी और तटीय मार्गो का भी उपयोग किया जाता था।
- नागेश्वर तथा बालाकोट में शंख आसानी से मिल जाते थे।
मुहरे ,लिपि और बाट की जानकारी
- मुहरों और सिक्को का इस्तेमाल सम्पर्को को सुविधाजनक बनाने के लिए किया जाता था।
- सामान से भरा थैला एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता था।
- इस थैले को बाँध कर इसपर गीली मिट्टी जमा कर मुहरों से दबाया जाता था जिससे इस पर मुहर की चाप पड़ जाती थी।
- ज़्यादातर अभिलेख छोटे है सबसे लम्बे अभिलेख में 26 चिह्न हैं।
- बाट चर्ट पत्थर से बनाये जाते थे। इनका आकर घनाकार होता था।
- छोटे बाटों का उपयोग आभूषण और मनको को तोलने के लिए किया जाता था।
हड़प्पा की खोज कैसे हुई ?
सबसे पहले हड़प्पा की खोज कनिंघम नेकिया था।
1921-1922 में सर जॉन हुबर्ट मार्शल के तहत एक खुदाई अभियान चला।
इसकी खोज दया राम साहनी ,राखल दास बनर्जी ने भी की थी।
Important Dates [महत्वपूर्ण दिनाँक ]
20लाख साल;- पूर्व पहले निम्न पुराषाणकाल शुरू हुआ था।
80,000 साल;- पहले मध्य पुराषाणकाल शुरू हुआ था।
12,000 साल;-पहले मध्य पाषाण शुरू हुआ था।
2600 ई.पू.;- हड़प्पा सभ्यता शुरू हुई।
1875;- हड़प्पाई मुहर पर कनिंघम की रिपोर्ट।
1925 ;- मोहनजोदड़ो में उत्खनन शुरू हुआ।
1946 ;-आर.ई.एम. व्हीलर ने हड़प्पा का उत्खनन किया।
>आप सबके लिए एक प्रश्न है इसका जवाब देना जिसको समझ आए।
हड़प्पा सभ्यता के लोग अपना भोजन किस तरह उपलब्ध करते थे ?
नीचे comment करके बताये।
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