class 11 history notes in hindi [chapter-3]

 Class -11 notes  

Chapter -3 [ तीन महाद्वीपो में फैला हुआ साम्राज्य ]

An empaire across three continents

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रोम साम्राज्य दूर -दूर तक फैला हुआ था। इसके विशाल राज्य क्षेत्र में आज का अधिकांश यूरोप और उर्वर अर्धचन्द्राकार क्षेत्र यानी पश्चिमी एशिया तथा उत्तरी अफ्रीका का बहुत बड़ा हिस्सा शामिल था। 
रोम के इतिहासकारो के पास स्त्रोत -सामग्री का विशाल भंडार है इस सम्पूर्ण स्त्रोत सामग्री को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है ; (क ) पाठ्य सामग्री ; (ख )प्रलेख या दस्तावेज़ और (ग ) भौतिक अवशेष। 


पैपाइरस ;- पैपाइरस एक सरकंडा जैसा पौधा था जो मिस्र में नील नदी के किनारे ऊगा करता था और उसी से लेखन सामग्री तैयार की जाती थी। 


# ईसा मसीह के जन्म से लेकर सातवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में 630 के दशक तक की अवधि में अधिकांश यूरोप ,उत्तरी अफ्रीका और मध्य -पूर्व तक के विशाल क्षेत्र में दो सशक्त साम्राज्यों का शासन था। ये दो साम्राज्य रोम और ईरान थे। 
# उत्तर में साम्राज्य की सीमा का निर्धारण दो महान नदियों राइन और डैन्यूब से होता था और दक्षिणी सीमा सहारा नामक अति विस्तृत रेगिस्तान से बनती थी। इस प्रकार इस अत्यंत विस्तृत क्षेत्र में रोम साम्राज्य फैला हुआ था। 



साम्राज्य का आरंभिक काल 
रोमन साम्राज्य कोप मोठे तौर पर दो चरणों में बता जा सकता है ,जिन्ही 'पुरवृत्ति 'और 'परवर्ती' चरण कह सकते हैं। 
प्रथम सम्राट ने ,ऑगस्टस ने 27 ईसापूर्व में जो राज्य स्थापित किया था उसे 'प्रिंसिपेट 'खा जाता था। 
ऑगस्टस एकछत्र शासक और सत्ता का वास्तविक स्त्रोत था तथापि इस कल्पना को जीवित रखा गया कि वह केवल एक 'प्रमुख नागरिक 'था ,निरंकुश शासक नहीं था। 

Important points[मुख्य बिंदु ]

# बलात भर्ती -बलात भर्ती वाली सेना वह होती है जिसमें कुछ वर्गों या समूहों के वयस्क पुरुषो को अनिवार्य रूप से सैनिक सेवा करनी पड़ती है।
#ग्रहयुद्ध -ग्रहयुद्ध दूसरे देशो में के ठीक विपरीत अपने ही देश में संघर्ष के ठीक विपरीत अपने ही देश में सत्ता हासिल करने के लिए किया गया सशस्त्र संघर्ष है। 
# निकटवर्ती पूर्व - रोमन साम्राज्य के भुमध्ये सागरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगो की दृष्टि से निकटवर्ती पूर्व का मतलब था भूमध्य सागर के बिलकुल पूर्व का इलाका ; मुख्य रूप से सीरिया ,फिलिस्तीन और मेसोपोटामिया के प्रान्त जो रोमन साम्राज्य के हिस्से थे और मोठे तौर पर आसपास के क्षेत्र ,जैसे अरब। 
# सेंट ऑगस्टीन 396 से उत्तरी अफ्रीका के हिप्पो नामक नगर के बिशप थे। चर्च के बौद्धिक इतिहास में उनका उच्चतम स्थान था। बिशप लोग ईसाई समुदाय में अत्त्यन्त महत्वपूण व्यक्ति माने जाते थे अक्सर वे बहुत शक्तिशाली होते थे। 
# ऋतु -प्रवास से तात्पर्य है ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों और नीचे मैदानी इलाको में भेड़ -बकरिया तथा अन्य जानवरों को चराने के लिए चरगाहों की खोज में ग्वालो तथा चरवाहों का मौसम के अनुसार वार्षिक आवागमन। 
फ्रेंकिन्सेस -एक यूरोपीय नाम जो वास्तव ,में सुगन्धित राल है। इसका प्रयोग धुप -अगरबत्ती और इत्र बनाने के लिए किउया जाता है। इसे बोसवेलिया के पेड़ के तने में बड़ा छेद कर इसके रास को बहने दिया जाता था और रास सूखने पर राल प्राप्त किया जाट था। फ़्रेंकिन्सेस की सबसे उत्त्कृस्ट किस्म की राल अरब प्रायद्वीप से आती थी। 

 

 # ईसाईकरण उस प्रकीर्या को कहते है जिसके द्वारा ईसाई धर्म भिन्न -भिन्न जन समूहों के बीच फैलाया गया और वहाँ का प्रमुख धर्म बना दिया गया। 
 

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