Class -11 history [chapter-4] notes
The central islamic lands[ इस्लाम का उदय और विस्तार -लगभग 570 -1200 ई.
* आज जबकि हम इक्कीसवी सदी में प्रवेश कर चुके है , संसार के समस्त भागो में रहने वाले मुसलमानो की संख्या एक अरब से भी अधिक है।
* मुस्लिम समाजो की जड़े एक अधिक एकीकृत अतीत में समाहित हैं ,जिसका प्राम्भ लगभग 1400 वर्ष पहले अरब प्रायद्वीप में हुआ था।
* इस समाज में जो भी घटित हो रहा था उसका उद्द्भव सीधे धर्म से नहीं हुआ था, बल्कि इसका उद्भव एक ऐसे समाज में हुआ था ,जिसमें मुसलमानो को और उनके धर्म को सामाजिक रूप से प्रमुखता प्राप्त थी।
* इस्लामी क्षेत्रों के सन 600 से 1200 तक के इतिहास के बारे में हमारी समझ इतिवृत्तों अथवा तवारीख पर (जिसमें घटनाओ का वृत्तांत कालक्रम के अनुसार दिया जाता है ) और अर्ध -ऐतिहासिक कृतियों पर आधारित है ,जैसे जीवन - चरित ,पैगम्बर के कथनो और कृत्यों के अभिलेख और कुरान के बारे में टीकाएँ (तफ़सीर )
* इस्लाम का इतिहास -लेखन इस बात का अच्छा उदाहरण है कि इतिहास के आधुनिक तरीको का इस्तेमाल करके धर्म का अध्ययन किस प्रकार किया जाता है , ऐसे लोगो द्वारा जो स्वय अध्ययन करने वाले अनुयायी न हो।
पैगम्बर मोहम्मद के बारे में
सन 612 -632 में पैगम्बर मुहम्मद ने एक ईश्वर , अल्लाह की पूजा करने और आस्तिको के एक ही समाज की सदसयता का प्रचार किया।
पैगम्बर मुहम्मद सौदागर थे। और भाषा तथा संस्कृति से अरबी थे।
छठी शताब्दी की अरब संस्कृति अधिकांशतः अरब प्रायद्वीप और दक्षिणी सीरिया और मेसोपोटामिया के क्षेत्रों तक सिमित थी।
अरब लोग कबीले में बटे हुए थे।
पैगम्बर मुहम्मद का अपना कबीला कुरैश ,मक्का में रहता था और उनका वहाँ के मुख्य धर्मस्थल पर नियंत्रण था।
# काबा ;-
इस स्थल का ढांचा घनाकार था और उसे काबा कहा जाता था ,जिसमें बुत रखे हुए थे।
मक्का के बाहर के कबीले भी काबा को पवित्र मानते थे वे इसमें अपने बुत रखते थे और हर साल इस इबादतग़ाह की धार्मिक यात्रा (हज )करते थे।
मक्का यमन और सीरिया के बीच के व्यापारी मार्गो के एक चौराहे पर स्थित था ,जिससे शहर का महत्व बढ़ गया था।
काबा को एक ऐसी जगह मन जाता है झा हिंसा वर्जित थी और सभी दर्शनार्थियों को सुरक्षा प्रदान की जाती थी।
# सन 612 के आसपास पैगम्बर मोहम्मद ने अपने आपको खुदा का सन्देश वाहक घोषित किया ,जिन्हे प्रचार करने का आदेश दिया गया था कि केवल अल्लाह की ही इबादत यानी आराधना की जानी चाहिए।
# इबादत की विधियां बड़ी सरल थी ,जैसे दैनिक प्राथना और नैतिक सिद्धांत ,जैसे खैरात बांटना और चोरी न करना।
# पैगम्बर मुहम्मद के सन्देश ने मक्का के उन लोगो को विशेष रूप से प्रभावित किया ,जो अपने आपको व्यापार और धर्म के लाभों से वंचित महसूस करते थे और एक नई सामुदायिक पहचान की बाट देखते थे।
# जो इस धर्म सिद्धांत को स्वीकार कर लेते थे ,उन्हें मुसलमान कहा जाता था।
# सन 622 में, पैगम्बर मुहम्मद को अपने अनुयायियों के साथ मदीना कूचकर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
# पैगम्बर मुहम्मद की इस यात्रा (हिजरा ) से इस्लाम के इतिहास के एक नया मोड़ आया। जिस वर्ष उनका आगमन मदीना में हुआ उस वर्ष से मुस्लिम कैलेंडर यानी हिजरी सन की शुरुआत हुई।
# मदीना इस्लामी राज्य की राजधानी और मक्का का धार्मिक केंद्र बन गया। कब ऐसे बुतो को हटा दिया गया था ,क्योंकि मुस्लिमों के लिए ज़रूरी था की वे उस स्थल की ओर मुँह करके इबादत करें।
* सन 632 में पैगम्बर मुहम्मद के देहांत के बाद ,कोई भीं व्यक्ति वैध रूप से इस्लाम का अगला पैगम्बर होने का दावा नहीं करता सकता था।
* सबसे बड़ा नवपरिवर्तन ये हुआ कि खिलाफत की संस्था का निर्माण हुआ ,जिसमें समुदाय का नेता (अमीर अल -मोमिनीन ) पैगम्बर का प्रितिनिधि (खलीफा ) बन गया।
* पहले चार खलीफा 632 -661 तक रहे।
* खिलाफत के दो मुख्य उद्देश्य थे ;- एक तो कबीले पर नियंत्रण कायम करना ,जिनसे मिलकर उम्मा का गठन हुआ था ,और राज्य के लिए संसाधन जुटाना।
खलीफा ;-
1 . पहले खलीफा हज़रत अबूबकर थे।
2. दूसरे खलीफा हज़रत उमर थे।
3. तीसरे खलीफा हज़रात उस्मान थे।
4. चौथे ख़लीफ़ा हज़रत अली थे।
Important poits (मुख्य बिंदु )
1) 595 ;- पैगम्बर मुहम्मद की खदीजा से शादी। खदीजा मक्का में व्यापार करती थी और धनी थी।
2) 610 -12 ;-पहला सार्वजानिक उपदेश।
3) 622 ;- मक्का से मदीना हिजरत।
4) 632- 61;- खिलाफत के प्रारंभिक वर्ष। सीरिया ,ईराक ,ईरान व मिस्र पर विजय ;ग्रहयुद्ध।
5) 661-750 ;- उम्मयद शासन ; दमिश्क का राजधानी बनना।
6) 1063-92 ;- निज़ामुल मुल्क का शासन। यह एक शक्तिशाली सल्जूक वज़ीर थे ,जिन्होंने कई मदरसो की स्थापना की ,जिन्हे इकट्ठे निज़ामिया कहां जाता है। निजामुल मुल्क की हत्या।
7) 1095-1291;- धर्मयुद्ध ;मुसलमानो व ईसाइयो में संपर्क।
8) 1258 ;- मंगोलो ने बग़दाद पर कब्ज़ा किया।
Chapter - 3 link
https://knowladgehistormindset.blogspot.com/2021/10/an-empaire-across-three-continents_02012083572.ht
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