Class 12 history chapter 4

 Class 12 history notes in hindi 
chapter 4 Thinkers,beliefs and buildings 
विचारक ,विश्वास और इमारतें 

सांस्कृतिक विकास (ईसापूर्व 600 से ईसा संवत 600 तक)


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इस Chapter में हम एक हज़ार साल लम्बी यात्रा,बोध धर्म ,जैन धर्म ,और साँची के स्तूप के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 

जैन धर्म की जानकारी ;

जैन परम्परा महावीर से पहले भी 23 तीर्थंकर हो चुके था जो जैन धर्म का विस्तार कर चुके थे। 

जैन धर्म में ये माना जाता है कि पत्थर ,चट्टान और पानी में भी जीवन होता है। 

जैन धर्म का मुख्य बिंदु ;- इंसानो ,जानवरो ,पेड़- पौधो और कीड़े मकोड़ो को न मरना था। 

जैन धर्म के सिद्धांत ने भारतीय परम्परा को भी प्रभावित किया है। 

जैन धर्म की शिक्षा ;-

  1. किसी की हत्या न करना। 
  2. चोरी न करना। 
  3. झूट न बोलना। 
  4. भ्रम्चार्य और धन संग्रह न करना। 
जैन धर्म का विस्तार धीरे धीरे बढ़ने लगा। और कई हिस्सों में फ़ैल गया। 

जैन विद्वानों ने प्राकृत ,संस्कृत,तमिल और अनेक भाषाओं में साहित्य का सर्जन किया। 

24 वें तीर्थंकर महावीर जैन थे। 


बौद्ध धर्म की जानकारी 

बुद्ध धर्म को सुत्तपिटक में दी गयी कहानियों के आधार पर पुनर्निमित किया गया है। 

बौद्ध धर्म के अनुसार संसार अनित्य है।  

  बौद्ध  धर्म की शुरुआत गौतम बुद्ध ने की थी। इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। 

बुद्ध ये मानते कि संसार का निर्माण मनुष्य ने किया है। 

धीरे -धीरे बौद्ध धर्म का विस्तार होने लगा और ये धर्म फैलने लगा। 

गौतम बुद्ध का आखरी संदेश ;- तुम सब अपने लिए खुद ही ज्योति बनो क्योकि तुम्हे खुद ही अपनी मुक्ति का रास्ता ढूंढ़ना है। 

गौतम बौद्ध के बारे में ;-

गौतम बौद्ध लुम्बिनी में पैदा हुए थे। 

बौद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया था। 

बौद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था। 

बौद्ध की मृत्यु कुशीनगर में हुई थी। 

स्तूप  ;-

जहां बौद्ध की अस्थियां या उन्होंने जो सामान इस्तेमाल किया था ज़मीन में दफना दिए जाते थे उन्हें स्तूप कहा जाता है। 

स्तूप बनाने की परम्परा पहले से ही थी लेकिन ये बौद्ध से जुड़ गयी। स्तूप को बौद्ध धर्म का प्रतीक कहा जाता है। 

संस्कृत में स्तूप को टीला कहा जाता है। स्तूप गोलाकार बना होता था। 


Important dates [महत्वपूर्ण दिनाँक ]

प्राचीन इमारतों और मूर्तियों की खोज ;-

  1. 1814 ;- इंडियन म्यूज़ियम ,कलकत्ता की स्थापना। 
  2. 1834;- रामराजा ने एसेज़ ऑन द आर्किटेक्चर ऑफ़ द हिन्दूज़ का प्रकाशन किया। 
  3. 1851 ;- गवर्नमेंट म्यूज़ियम ,मद्रास की स्थापना। 
  4. 1914 ;- जॉन मार्शल और अल्फ्रेड फूसे की पुस्तक द मोनुमेंट्स ऑफ़ साँची। 
  5. 1923; जॉन मार्शल ने कंजर्वेशन मैनुअल पुस्तक का प्रकाशन हुआ।
  6. 1989; साँची को विश्व कला स्थान घोषित किया गया।




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