Class 12 History Chapter 7 Notes

Class 12 History Chapter 7 Notes 

एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर 
( लगभग चौदहवीं से सोलहवीं सदी तक )


विजयनगर को विजय का शहर भी कहा जाता था। इस साम्राज्य की स्थापना 14वीं शताब्दी में हुई थी। 

विजयनगर  उत्तर तक कृष्णा नदी तक फैला हुआ था। 1565 में विजयनगर पर हमला हुआ था जिसमें इसे पूरा लूट लिया गया था। लेकिन ये शहर कृष्णा - तुंगभद्रा दोआब क्षेत्र में निवासियों में जीवित रहा।इसे लोगो ने हम्पी का नाम दिया था। इसका नाम हम्पी यह की मातृदेवी पंपादेवी के नाम से हुआ था। 


हम्पी की खोज कैसे हुई ?

हम्पी के भग्नावशेष 1800 ई. में कर्नल कॉलिन मैकन्जी द्वारा दिखाए गए। 

मैकन्जी ईस्ट इण्डिया कम्पनी में काम करते थे। इन्होने हम्पी का पहला मानचित्र बनाया था। 

विजयनगर साम्राज्य की स्थापना दो भाइयों हरिहर और बुक्का ने 1336 में की थी। 

कॉलिंन मैकेंजी की जानकारी ;-

1754 में जन्म हुआ था।

एक अभियंता सर्वेक्षक तथा मानचित्र कार्य के रूप में प्रसिद्धि हासिल की थी।

1815 में इन्हें भारत का पहला सर्वेयर जनरल बनाया गया था।

1821 में इनकी मृत्यु हो गई।

विजयनगर के राजा

विजय नगर के सबसे प्रसिद्ध राजा कृष्णदेव राय थे। कृष्णदेव राय का शासनकाल 1509-29 तक चला।

कृष्णदेव राय ने अमुक्तमाल्यद नामक तेलुगु भाषा में एक कृति लिखी थी।

कृष्णदेव राय ने मंदिरों का भी निर्माण करवाया।

गजपति ;-गजपति का अर्थ है हाथियों का स्वामी।

  अमर नायक ;-

अमर नायक सैनिक कमांडर होते थे।

ये किसानों शिल्प कर्मियों तथा व्यापारियों से भू राजस्व तथा अन्य कर वसूलते थे।

अमर नायक राजा को वर्ष में एक बार भेज दिया करते थे।

अमर शब्द संस्कृत भाषा समर से निकला है जिसका अर्थ है लड़ाई या युद्ध।

ये शब्द भी मिलता जुलता है जिसका अर्थ है उसे पद का कुलीन व्यक्ति।

विजयनगर की जल-संपदा

विजयनगर कि तुंगभद्रा नदी द्वारा एक प्राकृतिक कुंड है यह नदी उत्तर पूर्व दिशा में बहती है।

इसके आसपास पहाड़ियां भी हैं। इन पहाड़ियों से कई जलधाराएं नदी से मिलती है।

सभी धाराओं के साथ-साथ बांध बनाकर अलग-अलग आकारों के होश बनाए गए थे।

कलमपुरम जलाशय को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

विजयनगर की किलेबंदीयां और सड़कें

किलेबंदीयो की दीवार शहर के चारों ओर बनी पहाड़ियों को आपस में जोड़ती थी।

इसने शहर को नहीं बल्कि खेती में प्रयुक्त आसपास के क्षेत्रों तथा जंगल को भी गहरा हुआ था।

किलेबंदी की महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे खेतों को भी घेरा गया था।

किले बंद बस्ती में जाने के लिए बने प्रवेश द्वार पर बनी मेहराब और साथ ही द्वार के ऊपर बनी गुंबद तुर्की सुल्तानों द्वारा प्रवर्तित स्थापत्य के चरित्रिक तत्व माने जाते हैं।

कला इतिहासकार इस शैली को इंडो इस्लामिक कहते हैं क्योंकि इसका विकास विभिन्न क्षेत्रों की स्थानीय स्थापत्य की परंपराओं के साथ संपर्क से हुआ था।

इतिहासकारों ने शहर के अंदर तथा शहर के बाहर जाने वाली सड़कों का भी अध्ययन किया है।

सड़के पहाड़ी भूभाग से बचकर घाटियों से होकर ही इधर-उधर घूमती थी सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से कई मंदिर के प्रवेश द्वारों से आगे बढ़ी हुई थी ओर इनके दोनों और बाज़ार थे।

महानवमी डिब्बा ;- राजा का भवन नामक की संरचना किसी दूसरे क्षेत्र में में सबसे विशाल है लेकिन इसके राजकीय आवास होने का कोई निश्चित साक्ष्य नहीं मिला है इसके दो सबसे प्रभावशाली मंच है जिन्हें सामान्यता "सभा मंडप" तथा "महानवमी डिब्बा" का जाता है।

सभा मंडप एक ऊंचा मंच होता है जिसके आसपास तथा कुछ दूरी पर लकड़ी के स्तंभों के लिए छेद बने हुए हैं।

विजयनगर के धार्मिक केंद्र

विजय नगर की स्थानीय मात्र देवी पंपादेवी ने पहाड़ियों में विरुपाक्ष जो राज्य के संरक्षक देवता और शिव का एक रूप माने जाते हैं से विवाह के लिए तब किया था आज तक यह विवाह विरुपाक्ष मंदिर में हर साल धूमधाम से आयोजित किया जाता है।

विजय नगर में जैन मंदिर भी मिले हैं।

विजय नगर में मंदिर का निर्माण एक लंबा इतिहास रहा है जो पल्लव,चालुक्य और होयसाल तथा चोल वंश तक हैं।

मंदिर शिक्षा के केंद्रों के रूप में भी कार्य करते थे।




Important dates महत्वपूर्ण दिनांक

लगभग 1200 से 1300 ईसवी मैं दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 में हुई।

लगभग 1300से 1400 ईसवी तक विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 में हुई।

बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 में हुई।

लगभग 1400 से 1500ईसवी तक उड़ीसा के गजपति राज्य की स्थापना 1435 में हुई थी।

गुजरात और मालवा की सल्तनतो की स्थापना हुई।

अहमदाबाद बीजापुर और विरासत नोटों का उदय 1490 में हुआ था।

लगभग 1500से 1600 ईसवी तक पुर्तगालियों द्वारा गोवा पर विजय 1510 में हुआ था।

बहमनी राज्य का विनाश हुआ गोलकुंडा की सल्तनत का उदय 1518 में हुआ था।

बाबर ने मुगल साम्राज्य की स्थापना 1526 में हुई थी।





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